जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीधराचार्य जी महाराज का परिचय 
परम पूज्य जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री श्रीधराचार्य जी महाराज सनातन धर्म की वैदिक एवं श्रीवैष्णव परंपरा के प्रतिष्ठित आचार्य हैं। आप अशर्फी भवन पीठाधीश्वर, अयोध्या जी के रूप में रामानुज दर्शन का समर्पित प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आपका संपूर्ण जीवन शास्त्र, साधना और सेवा के आदर्श समन्वय का जीवंत उदाहरण है।
आप श्री ने व्याकरण, न्याय, वेदान्त एवं संस्कृत साहित्य में उच्चस्तरीय शास्त्रीय शिक्षा प्राप्त की है तथा राष्ट्रीय व्याकरण शास्त्र प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपनी विलक्षण विद्वत्ता सिद्ध की है। आप उत्तर भारतीय वैदिक परंपरा के साथ-साथ दाक्षिणात्य श्रीवैष्णव परंपरा एवं रामानुज दर्शन के भी प्रामाणिक प्रवक्ता हैं।
जगद्गुरु श्रीधराचार्य जी महाराज ने श्रीमद् भावार्थ भागवत, श्री भावार्थ रामायण, श्रीमद्भगवद् गीता, श्री गोदांबा चरित्र एवं हरि स्तोत्र माला सहित अनेक महत्वपूर्ण ग्रंथों की रचना की है, जिनमें भक्ति, ज्ञान और आचार का समन्वित स्वरूप दृष्टिगोचर होता है।
आप श्री द्वारा भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों में गीता, भागवत एवं रामायण कथाओं के 600 से अधिक सफल आयोजन किए जा चुके हैं, जिनसे लाखों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक दिशा एवं जीवनोपयोगी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। आपकी वाणी सरल, शास्त्रसम्मत और भक्तिरस से परिपूर्ण है।
जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीधराचार्य जी महाराज का जीवन सनातन मूल्यों, करुणा और धर्ममय जीवन की प्रेरणा प्रदान करता है।
श्री जगद्गुरु रामानुजाचार्य जी के मार्गदर्शन में संचालित शिक्षण और सेवा संस्थाएँ
श्री मधुसूदन धर्म सेतु ट्रस्ट
अयोध्या जी
श्रीधर सेवा ट्रस्ट
अयोध्या जी
परमार्थ सेवा समिति
अयोध्या जी
माधव सेवा समिति
अयोध्या जी
अयोध्या विद्या पीठ
करमडांडा, बारुन बाजार
जिला अयोध्या (फैजाबाद) उ.प्र.
श्री माधव भवन
अयोध्या जी
रामलला भवन
अयोध्या जी
श्री अनादि ब्रह्म संस्कृत विद्यालय
अयोध्या जी
माधव वेद विद्यालय
अयोध्या जी
श्री मधुसूदन नि:शुल्क छात्रावास
अयोध्या जी
रुक्मिणी महल
अयोध्या जी
श्री राम मन्दिर
करमडंडा, अयोध्या
श्री माधव गोशाला
करमडंडा, अयोध्या
रामसिया भवन
चित्रकूट, म.प्र.
श्री शान्ति भवन
रायगंज – अयोध्या
श्री सांवरिया सेठ मंदिर
बडवानी, मध्य
श्री वेंकटेश मंदिर
बेगमगंज (म.प्र.)
रामजानकी मंदिर
कहतरवा, शिवहर, विहार