अशर्फ़ी भवन – रामनगरी अयोध्या का एक प्रमुख सिद्ध पीठ
अशर्फ़ी भवन, रामनगरी अयोध्या के प्रमुख सिद्ध पीठों में से एक है। यह पावन स्थल अपनी आध्यात्मिक महत्ता, ऐतिहासिक विरासत और चमत्कारी मान्यताओं के लिए जाना जाता है। इस सिद्ध पीठ में भगवान लक्ष्मी नारायण विराजमान हैं। साथ ही यहाँ बजरंगबली हनुमान जी एवं लड्डू गोपाल भी श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं।
अशर्फ़ी भवन को सीता राम विलास भवन के नाम से भी जाना जाता है। लगभग 100 वर्ष पूर्व निर्मित यह भवन अयोध्या की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। मंदिर के महंत स्वामी श्री धराचार्य के अनुसार, जब इस भवन की नींव की खुदाई की जा रही थी, तब नींव के नीचे से बड़ी संख्या में अशर्फ़ियाँ (स्वर्ण मुद्राएँ) प्राप्त हुई थीं।
प्रारंभ में मजदूर वे अशर्फ़ियाँ अपने घर ले गए, लेकिन इसके बाद वे अस्वस्थ हो गए। इसे दैवी संकेत मानते हुए उन्होंने सभी अशर्फ़ियाँ पुनः मंदिर में लौटा दीं। इसी अद्भुत घटना के कारण इस पवित्र स्थल का नाम अशर्फ़ी भवन पड़ा।
आज अशर्फ़ी भवन रामनगरी अयोध्या में एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहाँ दर्शन करने आने वाले भक्त शांति, विश्वास और भक्ति की अनुभूति करते हैं।





